
*शिक्षा दान की अनूठी पहल*एक दिन के लिए शिक्षक बने कलेक्टर, एसपी से लेकर जिलेभर के अधिकारी*
*शिक्षा दान अभियान में स्कूलों की कक्षाओं तक पहुंचा प्रशासन, बच्चों को पढ़ाया और दिए सफलता के मंत्र*
*अधिकारियों ने साझा किए अपने संघर्ष और सफलता के अनुभव, बच्चों के सवालों का दिया जवाब*
*परीक्षा की तैयारी से लेकर भविष्य निर्माण तक मिला मार्गदर्शन, शिक्षा के साथ संस्कार और अनुशासन की दी सीख*
*शिक्षा दान के लिए एक दिन के शिक्षक बने कलेक्टर, एसपी से लेकर जिलेभर के अधिकारी*
सारंगढ़–बिलाईगढ़, 09 अक्टूबर 2026। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जिलेभर में शिक्षा दान की अनूठी पहल देखने को मिली, जब कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक से लेकर जिला एवं विकासखंड स्तर के अधिकारी एक दिन के लिए शिक्षक की भूमिका में नजर आए। प्रशासनिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करने वाले अधिकारी जब स्कूलों की कक्षाओं में पहुंचे और बच्चों को पढ़ाने लगे तो विद्यार्थियों में उत्साह और जिज्ञासा का माहौल बन गया। कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई साहू, पुलिस अधीक्षक श्री सुनील शर्मा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री ऋषिकेश तिवारी, जिला शिक्षा अधिकारी श्री एन एल पटेल, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, डिप्टी कलेक्टर सहित जिले के विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय, विकासखंड एवं जनपद स्तरीय अधिकारियों ने विद्यालयों में पहुंचकर बच्चों के बीच अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाई के उपयोगी सुझाव देने के साथ जीवन में सफलता प्राप्त करने, लक्ष्य निर्धारित करने और बेहतर भविष्य के निर्माण के लिए प्रेरित किया।
सेवा संकल्प अभियान के तहत जिले के प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक, हाई स्कूल एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में आयोजित शिक्षा दान कार्यक्रम ने प्रशासन और विद्यार्थियों के बीच आत्मीय संवाद का अवसर प्रदान किया। अधिकारियों ने शिक्षक की भूमिका निभाते हुए बच्चों को पाठ्यक्रम की पढ़ाई के साथ जीवन की व्यावहारिक सीख भी दी। उन्होंने अपने विद्यार्थी जीवन, पढ़ाई के दौरान आने वाली चुनौतियों, संघर्ष, मेहनत और सफलता के अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि दृढ़ इच्छाशक्ति, अनुशासन और निरंतर प्रयास से जीवन में किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
*बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने के लिए अभी से लक्ष्य बनाने की सीख*
कार्यक्रम के दौरान हाई स्कूल एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों को भविष्य निर्माण और विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों के संबंध में विशेष मार्गदर्शन दिया गया। अधिकारियों ने बच्चों को अपनी रुचि, योग्यता और क्षमता के अनुरूप लक्ष्य निर्धारित करने तथा उसे हासिल करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से तैयारी करने की प्रेरणा दी।
विद्यार्थियों को बताया गया कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए लक्ष्य का स्पष्ट होना आवश्यक है। यदि विद्यार्थी स्कूली जीवन से ही अपने भविष्य की दिशा तय कर नियमित मेहनत करें तो वे अपने सपनों को साकार कर सकते हैं। अधिकारियों ने बच्चों को बड़े सपने देखने के साथ उन्हें पूरा करने के लिए निरंतर अध्ययन, सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास बनाए रखने का संदेश दिया। इस दौरान बच्चों ने अपनी भविष्य की आकांक्षाएं भी साझा कीं और अधिकारियों से मार्गदर्शन प्राप्त किया।
शिक्षा के साथ संस्कार और सर्वांगीण विकास का दिया संदेश
शिक्षा दान कार्यक्रम में बच्चों के शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक और नैतिक विकास पर भी विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने विद्यार्थियों को समझाया कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि ज्ञानवान, अनुशासित, संवेदनशील और संस्कारवान नागरिक बनना भी है। उन्होंने बच्चों को माता-पिता और गुरुजनों का सम्मान करने, अच्छी आदतें अपनाने, समय का सदुपयोग करने तथा समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने की सीख दी।
विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ खेलकूद, योग, व्यायाम और रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेने के लिए भी प्रेरित किया गया। अधिकारियों ने बताया कि स्वस्थ शरीर, सकारात्मक सोच और मजबूत आत्मविश्वास जीवन में आगे बढ़ने के महत्वपूर्ण आधार हैं। बच्चों को मोबाइल एवं अन्य डिजिटल माध्यमों का विवेकपूर्ण उपयोग करने तथा नियमित अध्ययन के साथ अपने व्यक्तित्व को निखारने के लिए प्रोत्साहित किया गया।


