सरसींवा। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के सरसींवा सेवा केंद्र द्वारा व्यापारियों के लिए ‘सजग व्यापार, समृद्ध समाज’ विषय पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ चैंबर्स ऑफ कॉमर्स के प्रदेश उपाध्यक्ष महेन्द्र अग्रवाल मुख्य अतिथि तथा रायपुर की वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी रश्मि बहन मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुईं।
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों एवं व्यापारियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर की गई। इसके बाद अतिथियों का पुष्पगुच्छ से स्वागत किया गया। नन्हीं बच्चियों द्वारा प्रस्तुत स्वागत गीत ने कार्यक्रम में आध्यात्मिक एवं सकारात्मक माहौल बना दिया।
मुख्य वक्ता रश्मि बहन ने तनाव को व्यापार और व्यवहार पर पड़ने वाले प्रभाव से जोड़ते हुए कहा कि तनाव की स्थिति में व्यक्ति ग्राहकों से सहजता और प्रेमपूर्वक संवाद नहीं कर पाता, जिसका असर व्यवसाय पर भी पड़ सकता है। उन्होंने मुस्कुराने और नियमित मेडिटेशन को तनाव प्रबंधन का माध्यम बताते हुए व्यापारियों को राजयोग को जीवनशैली में शामिल करने का संदेश दिया।
उन्होंने बताया कि संस्था की ओर से 25 सितंबर से सात दिवसीय योग शिविर आयोजित किया जाएगा। शिविर का समय सुबह 8 से 9 बजे और शाम 7 से 8 बजे तक निर्धारित किया गया है। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से शिविर का लाभ लेने की अपील की।
मुख्य अतिथि महेन्द्र अग्रवाल ने आयोजन के लिए ब्रह्माकुमारी संस्था का आभार जताते हुए ‘सजग व्यापार और समृद्ध समाज’ की अवधारणा को विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से समझाया। विशिष्ट अतिथियों मुकेश अग्रवाल, प्रदीप देवांगन और संगीता सिंह ठाकुर ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।
कार्यक्रम के दौरान रायपुर से पहुंचीं वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका बीके रिंकू ने उपस्थित लोगों को मेडिटेशन का अभ्यास कराया और इसे सुखी एवं संतुलित जीवनशैली का हिस्सा बनाने का संदेश दिया।
सरसींवा सेवा केंद्र से मनीष अग्रवाल ने तेज बारिश के बावजूद कार्यक्रम में बड़ी संख्या में व्यापारियों की सहभागिता के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरसींवा को धार्मिक नगरी के रूप में पहचान मिलती है और ऐसे आयोजनों के माध्यम से ब्रह्माकुमारी संस्था क्षेत्र में सकारात्मक विचार, आध्यात्मिक ज्ञान और जीवन की चुनौतियों से सामना करने की प्रेरणा दे रही है।

कार्यक्रम में सरसींवा सहित आसपास के क्षेत्र से आए व्यापारियों एवं लोगों की सहभागिता रही। आयोजन का संदेश रहा कि सजग सोच, सकारात्मक दृष्टिकोण और संतुलित जीवनशैली के माध्यम से व्यक्तिगत जीवन के साथ-साथ सामाजिक वातावरण को भी बेहतर बनाया जा सकता है।


