सरसीवां। युवाओं और विद्यार्थियों को कौशल विकास, रोजगार तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से AISECT India Pvt. Ltd. की वार्षिक कौशल विकास यात्रा 7 और 8 अक्टूबर को सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले पहुंची। AI Literacy Mission की थीम पर निकाली गई इस यात्रा के दौरान जिले के विभिन्न विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें विद्यार्थियों, शिक्षकों और संस्था प्रमुखों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

AISECT की यह यात्रा 5 अक्टूबर से 5 नवंबर 2026 तक देश के लगभग 20 राज्यों और 300 जिलों से गुजर रही है। करीब 41 वर्षों से शिक्षा एवं कौशल विकास के क्षेत्र में कार्यरत इस संस्था का मुख्यालय भोपाल में है। छत्तीसगढ़ में डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय भी AISECT से जुड़ा प्रमुख उच्च शिक्षा संस्थान है।
विद्यालयों से हुआ यात्रा का शुभारंभ
जिले में कौशल विकास यात्रा के प्रथम दिवस का शुभारंभ सरिया क्षेत्र के पुजारीपाली स्थित भारत माता पब्लिक स्कूल से हुआ। कार्यक्रम में नगर पंचायत अध्यक्ष कमलेश अग्रवाल, उपाध्यक्ष अरुण शराप, पार्षद आशुतोष स्वर्णकार और युवा नेता मनोज मेहर सहित विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकगण, AISECT टीम तथा छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। विद्यालय की प्राचार्य कुमारी सुनिति प्रधान और उपप्राचार्य कुमारी रुकैया बेगम सहित शिक्षकों ने कार्यक्रम में सहभागिता की। कार्यक्रम के अंत में नगर पंचायत अध्यक्ष कमलेश अग्रवाल और उपाध्यक्ष अरुण शराप ने कौशल विकास रथ को हरी झंडी दिखाकर बरमकेला के लिए रवाना किया।

इसके बाद यात्रा बरमकेला कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल और सारंगढ़ कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल पहुंची। यहां विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को कौशल विकास और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के महत्व की जानकारी दी गई। जिला कौशल विकास प्राधिकरण के डिप्टी कलेक्टर शंकर लाल सिन्हा, पुरुषोत्तम स्वर्णकार, लीलाधर अजगल्ले और आईटीआई सारंगढ़ के मेला राम ने भी यात्रा को अगले गंतव्य के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
दूसरे दिन भी विद्यार्थियों ने दिखाई रुचि
8 अक्टूबर को यात्रा के दूसरे दिन जिला पंचायत अध्यक्ष संजय भूषण पांडे ने कौशल विकास रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यात्रा की शुरुआत बंधापाली स्थित केपी हायर सेकेंडरी स्कूल से हुई। इस दौरान गोमर्दा अभयारण्य के वन्य प्राणी अभिरक्षक टीकाराम पटेल, स्कूल समिति की अध्यक्ष यशोदा पटेल, प्राचार्य संतोष पटेल, उपप्राचार्य चंचला पटेल, शिक्षकगण और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
इसके बाद यात्रा नगर पालिका हाई स्कूल सारंगढ़ पहुंची, जहां प्राचार्य लीना होता ने टीम का स्वागत किया और रथ को अगले गंतव्य के लिए रवाना किया। यात्रा का अगला पड़ाव सेजस सरसीवां रहा। यहां बड़ी संख्या में विद्यार्थियों और शिक्षकों ने सहभागिता की। इसके पश्चात कौशल विकास रथ सेजस पेंड्रावन पहुंचा, जहां हाई स्कूल के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को कौशल विकास और नई तकनीकों की उपयोगिता से अवगत कराया गया। संस्था के प्राचार्य रामेश्वर प्रसाद साहू ने रथ को आगे के लिए रवाना किया।
AI Literacy Mission पर रहा विशेष जोर
दो दिवसीय यात्रा में AISECT के क्षेत्रीय प्रमुख सचिन जैन, भास्कर यादव, नितेश दिवांगन, हीरा चंद्रा और करण वैष्णव सहित टीम के सदस्य उपस्थित रहे। जिले के जिला प्रबंधक विजयकृष्ण रथ के साथ-साथ विभिन्न AISECT केंद्रों के प्रबंधकों और प्रतिनिधियों ने भी सक्रिय सहभागिता की।
यात्रा का प्रमुख उद्देश्य AI Literacy Mission के माध्यम से विद्यार्थियों और युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बुनियादी जानकारी, उसके व्यावहारिक उपयोग और भविष्य में बढ़ते महत्व से परिचित कराना है। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को बताया गया कि बदलते दौर में पारंपरिक शिक्षा के साथ तकनीकी ज्ञान और व्यावहारिक कौशल भी जरूरी हैं।
AISECT की यह कौशल विकास यात्रा “कौशल से आत्मनिर्भरता और AI ज्ञान से भविष्य की तैयारी” का संदेश लेकर आगे बढ़ रही है। इसका उद्देश्य युवाओं को बदलते रोजगार बाजार के अनुरूप तैयार करना और उन्हें तकनीक आधारित अवसरों के प्रति जागरूक बनाना है ।


