सारंगढ़–बिलाईगढ़, 07 अक्टूबर 2026। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा से राष्ट्रसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत बुधवार को सारंगढ़ के खेलभांठा मैदान में विकसित भारत संकल्प सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रायगढ़ सांसद श्री राधेश्याम राठिया की उपस्थिति में जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवकों एवं नागरिकों ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को साकार करने में सक्रिय सहभागिता निभाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के पश्चात सांसद श्री राधेश्याम राठिया के नेतृत्व में सेवा ज्योति यात्रा निकाली गई। यात्रा खेलभांठा मैदान से प्रारंभ होकर भारत माता चौक होते हुए तुर्की तालाब पहुंची, जहां इसका समापन हुआ। यात्रा के माध्यम से राष्ट्रसेवा, विकसित भारत, जनभागीदारी और सामूहिक संकल्प का संदेश दिया गया। इसमें पूर्व विधायक श्रीमती केराबाई मनहर, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री संजय भूषण पाण्डेय सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता, स्वयंसेवक और बड़ी संख्या में नागरिक उत्साहपूर्वक शामिल हुए।
*प्रधानमंत्री के संबोधन का हुआ वर्चुअल प्रसारण*
खेलभांठा मैदान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का वर्चुअल प्रसारण भी किया गया। सांसद श्री राधेश्याम राठिया सहित उपस्थित जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवकों एवं नागरिकों ने प्रधानमंत्री का संबोधन सुना।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के साथ प्रारंभ हुई उनकी जनसेवा की यात्रा के 25 वर्ष पूर्ण हुए हैं। उन्होंने देशवासियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनता का आशीर्वाद उनकी सबसे बड़ी शक्ति है। भारतीय लोकतंत्र और संविधान के प्रति नमन करते हुए उन्होंने कहा कि इन वर्षों में अर्जित जनविश्वास और अनुभव उनकी सबसे बड़ी पूंजी है और यह पूंजी देश की जनता की है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जनता-जनार्दन ईश्वर का स्वरूप है और मां भारती की निस्वार्थ सेवा ही उनका धर्म एवं कर्तव्य है। जीवन की प्रत्येक घटना से सीखने और प्रत्येक चुनौती से संकल्प को मजबूत करने का संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि साधन और संसाधन सीमित हो सकते हैं, लेकिन सपने और हौसले हमेशा बड़े होने चाहिए।
*2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में हर नागरिक की भागीदारी जरूरी*
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कर्म को कर्तव्य और साधना बताते हुए राष्ट्र निर्माण के प्रयासों को निरंतर आगे बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने देश के विकास में युवा शक्ति और स्वयंसेवकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए जोश, जज्बा और सामूहिक संकल्प आवश्यक है।
उन्होंने आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया की बढ़ती ताकत का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय प्रतिभा, सामर्थ्य और क्षमता की चर्चा आज पूरी दुनिया में हो रही है। प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि 140 करोड़ देशवासियों की सामूहिक शक्ति और दृढ़ इच्छाशक्ति से वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य अवश्य साकार होगा।
उन्होंने सभी देशवासियों से राष्ट्रसेवा के संकल्प को और मजबूत करते हुए अपनी ऊर्जा, क्षमता और सामर्थ्य के साथ देश के विकास में योगदान देने का आह्वान किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता, स्वयंसेवक एवं नागरिक उपस्थित रहे।

