*जिला प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा ने किया विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण, कहा—विचार ही जीवन की सबसे बड़ी ताकत*

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Kishor Manhar
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सारंगढ़। जिला प्रभारी मंत्री एवं राजस्व, आपदा प्रबंधन व उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा सोमवार को सारंगढ़ जिले के प्रवास पर रहे। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं उद्घाटन किया। सबसे पहले मंत्री ने पशुधन विभाग के अतिरिक्त कक्ष, जिला अस्पताल के अतिरिक्त कक्ष, नवीन भर्ती कक्ष एवं ऑफिसर्स मेस सहित अन्य विकास कार्यों का शुभारंभ किया। इसके पश्चात वे शासकीय पंडित लोचन प्रसाद पाण्डेय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, सारंगढ़ में आयोजित अतिरिक्त कक्ष के लोकार्पण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

महाविद्यालय पहुंचने पर जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष मनोज जायसवाल एवं प्राचार्य डॉ. लोकेश्वर पटेल के नेतृत्व में महाविद्यालय परिवार द्वारा मंत्री टंकराम वर्मा का भव्य स्वागत किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. लोकेश्वर पटेल व जनभागीदारी के अध्यक्ष मनोज जायसवाल ने कहा कि महाविद्यालय की स्थापना आज ही के दिन वर्ष 1983 में हुई थी और आज महाविद्यालय अपनी गौरवशाली यात्रा के 43 वर्ष पूर्ण कर रहा है। इन 43 वर्षों में महाविद्यालय ने सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में उच्च शिक्षा के विकास और विद्यार्थियों के सर्वांगीण निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

उन्होंने बताया कि महाविद्यालय जिले का अग्रणी शिक्षण संस्थान है, जहां कला, विज्ञान एवं वाणिज्य संकाय में स्नातक पाठ्यक्रमों के साथ 12 विषयों में स्नातकोत्तर एवं पीजीडीसीए पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। वर्तमान में करीब 2400 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, जबकि चालू सत्र में बीए, बीएससी एवं बीकॉम प्रथम सेमेस्टर में अब तक 606 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है।

प्राचार्य ने बताया कि महाविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप अध्ययन-अध्यापन कार्य संचालित हो रहा है। परिसर में पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय, बिलासपुर का अध्ययन केंद्र भी संचालित है। शिक्षण कार्य में आईसीटी का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए एनसीसी, एनएसएस, रेडक्रॉस, रेड रिबन क्लब, इको क्लब एवं साइंस क्लब जैसी गतिविधियां भी सक्रिय रूप से संचालित हैं। महाविद्यालय में विशाल खेल मैदान एवं समृद्ध ग्रंथालय की सुविधा उपलब्ध है।

उन्होंने बताया कि महाविद्यालय के प्राध्यापकों द्वारा प्रत्येक शुक्रवार एवं शनिवार को विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क सीजीपीएससी कोचिंग भी प्रदान की जा रही है। महाविद्यालय नैक से मूल्यांकित है तथा गत अकादमिक सत्र से वार्षिक पत्रिका ‘सारंग भूमि’ का प्रकाशन भी प्रारंभ किया गया है।

स्नातकोत्तर भवन की प्रशासनिक स्वीकृति की मांग

प्राचार्य डॉ. पटेल ने कहा कि इन उपलब्धियों के साथ महाविद्यालय विकास के अगले चरण की ओर बढ़ना चाहता है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा विगत वर्ष सारंगढ़ प्रवास के दौरान महाविद्यालय के लिए स्नातकोत्तर भवन की घोषणा की गई थी, लेकिन प्रशासनिक स्वीकृति नहीं मिलने के कारण अब तक निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हो पाया है।

उन्होंने प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा से स्नातकोत्तर भवन के निर्माण के लिए प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कराने की दिशा में आवश्यक पहल करने का आग्रह किया। साथ ही बढ़ती छात्र संख्या और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की आवश्यकताओं को देखते हुए महाविद्यालय में विभिन्न विषयों में प्राध्यापकों के अतिरिक्त पद स्वीकृत करने की भी मांग रखी। प्राचार्य ने कहा कि पुराने सेटअप के कारण वर्तमान में पर्याप्त पद स्वीकृत नहीं हैं, इसलिए नए सेटअप के अनुरूप नवीन पदों की स्वीकृति आवश्यक है।

मंत्री बोले—विचार ही जीवन और भाग्य बदलने की सबसे बड़ी ताकत

मुख्य अतिथि मंत्री टंकराम वर्मा ने महाविद्यालय की उपलब्धियों की सराहना करते हुए इसे जिले का अग्रणी महाविद्यालय बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच और अच्छे विचारों के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

अपने संबोधन में मंत्री ने कहा कि “सबसे बड़ी ताकत विचारों की होती है।” उन्होंने कुम्हार और उसकी पत्नी की कहानी सुनाते हुए कहा कि एक कुम्हार मिट्टी का चिलम बना रहा था। उसकी पत्नी ने पूछा कि चिलम क्यों बना रहे हो? कुम्हार ने जवाब दिया कि गर्मी के दिनों में चिलम अधिक बिकेगी। इस पर उसकी पत्नी ने सुझाव दिया कि चिलम की जगह सुराही बनाओ, जिसकी गर्मी में अधिक बिक्री होगी और उससे पुण्य भी मिलेगा, क्योंकि सुराही से शीतल जल पीने वाले लोगों की दुआएं भी मिलेंगी।

मंत्री ने कहा कि कुम्हारिन के एक विचार ने मिट्टी का भाग्य बदल दिया। इसी तरह मनुष्य के जीवन में भी उसके विचारों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यदि हम अपने विचारों को सकारात्मक और अच्छा रखें तो हमारे जीवन की दिशा और भाग्य दोनों बेहतर हो सकते हैं।

उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे लक्ष्य निर्धारित कर मेहनत करें, सकारात्मक सोच रखें और शिक्षा के साथ संस्कार एवं सामाजिक जिम्मेदारी को भी अपने जीवन का हिस्सा बनाएं।

कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय परिवार एवं विद्यार्थियों में उत्साह का माहौल रहा। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों एवं महाविद्यालय परिवार द्वारा मंत्री टंकराम वर्मा का आभार व्यक्त किया गया।

 

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