सारंगढ़-बिलाईगढ़, 13 सितंबर। राज्य के सबसे बड़े गंगरेल बांध के नौ गेट खोले जाने के बाद महानदी के जलस्तर में बढ़ोतरी को देखते हुए सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने महानदी किनारे बसे गांवों एवं संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं।
कलेक्टर ने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, पुलिस विभाग, तहसीलदारों, जल संसाधन विभाग तथा मैदानी अमले को अपने-अपने क्षेत्रों में सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। नदी किनारे बसे गांवों में मुनादी कराकर ग्रामीणों को सतर्क करने तथा लोगों को नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों के समीप जाने से रोकने के निर्देश भी दिए गए हैं।

1.15 मीटर बढ़ा कलमा बैराज का जलस्तर
जल संसाधन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार कलमा बैराज में भी जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। शनिवार शाम 7 बजे बैराज का जलस्तर 193.550 मीटर दर्ज किया गया था, जो रविवार सुबह 7 बजे बढ़कर 194.700 मीटर पहुंच गया। यानी करीब 12 घंटे में जलस्तर में 1.15 मीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। हालांकि, फिलहाल बैराज का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे बताया गया है।
नदी किनारे बसे गांव में कराया गया मुनादी, लोगों को सतर्क रहने की अपील

तहसीलदार सारंगढ़ एन.के. सिन्हा ने बताया कि संभावित प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति फिलहाल सामान्य है। नदी किनारे के क्षेत्रों में ग्रामीणों को सतर्क करने के लिए मुनादी कराई जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक रूप से नदी किनारे नहीं जाने और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने के साथ साथ अपने जरूरी काग जात को सुरक्षित रखने की अपील की है।
कलेक्टर ने अधिकारियों को जलस्तर में होने वाले प्रत्येक बदलाव की नियमित जानकारी लेने तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत एवं बचाव के सभी आवश्यक संसाधन तैयार रखने के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन ने नागरिकों से सावधानी बरतने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रशासन को सूचना देने की अपील की है।

