मुंबई के डी. वाई. पाटिल स्टेडियम में दर्ज की गई ऐतिहासिक जीत
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने मुंबई के डी. वाई. पाटिल स्टेडियम में खेले गए फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को 52 रनों से हराकर इतिहास रच दिया।
2 नवंबर की रात नवी मुंबई में खेले गए इस मुकाबले में भारत ने अपना पहला आईसीसी महिला वनडे विश्व कप जीतकर देश का नाम रोशन किया।
यह जीत खास इसलिए भी रही क्योंकि महिला वनडे विश्व कप को 25 साल बाद नया चैंपियन मिला है। पिछली बार 2000 में न्यूजीलैंड ने ऑस्ट्रेलिया को हराकर खिताब जीता था।

हरमनप्रीत कौर — विश्व कप जीतने वाली सबसे उम्रदराज कप्तान
टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 36 वर्ष 239 दिन की उम्र में यह खिताब जीतकर एक नया रिकॉर्ड बनाया।
वह महिला विश्व कप जीतने वाली दुनिया की सबसे अधिक उम्र की कप्तान बन गई हैं।
इसके साथ ही हरमनप्रीत ने आईसीसी महिला वनडे वर्ल्ड कप के नॉकआउट मैचों में सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में ऑस्ट्रेलिया की दिग्गज खिलाड़ी बेलिंडा क्लार्क को भी पीछे छोड़ दिया। हरमनप्रीत ने टूर्नामेंट में अपने प्रदर्शन से टीम को मजबूती दी। उन्होंने 9 मैचों की 8 पारियों में 260 रन बनाए, औसत रहा 32.50 और स्ट्राइक रेट 89.04 का। उनकी बल्लेबाजी और कप्तानी दोनों ही इस ऐतिहासिक जीत के मुख्य स्तंभ रहीं।
हरमनप्रीत बोलीं — “यह जीत पूरी टीम के प्रयास की बदौलत”
फाइनल मैच के बाद हरमनप्रीत ने कहा,
“यह एक बड़ी जीत है, इसका श्रेय पूरे टीम को जाता है। बीसीसीआई और सहयोगी स्टाफ ने हम पर भरोसा बनाए रखा।
हम हर दिन बेहतर होना चाहते हैं। अगले साल भी विश्व कप और चैंपियंस ट्रॉफी हैं — यह अंत नहीं, बल्कि शुरुआत है।”
आईपीएल अध्यक्ष अरुण धूमल ने की 1983 की पुरुष टीम से तुलना
आईपीएल अध्यक्ष अरुण धूमल ने इस जीत की तुलना 1983 में पुरुष टीम द्वारा जीते गए विश्व कप से की।
उन्होंने कहा,
“यह भारतीय महिला क्रिकेट के लिए एक यादगार दिन है।
पुरुष टीम ने 1983 में जो हासिल किया था, उसे भारतीय महिलाओं ने आज दोहराया है।
यह ऐतिहासिक जीत देश में महिला क्रिकेट को जबरदस्त बढ़ावा देगी।”
फाइनल मैच का रोमांच — भारत की जीत के पीछे मजबूत प्रदर्शन

भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 298 रन बनाए।
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शेफाली वर्मा – 87 रन
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दीप्ति शर्मा – 58 रन
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स्मृति मंधाना – 45 रन
सलामी जोड़ी ने 100 रन की साझेदारी कर टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई।
जवाब में दक्षिण अफ्रीका की शुरुआत अच्छी रही, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने तेजी से विकेट झटक लिए।
दीप्ति शर्मा ने शानदार गेंदबाज़ी करते हुए 5 विकेट, जबकि शेफाली वर्मा ने 2 विकेट हासिल किए।
हालांकि दक्षिण अफ्रीका की लौरा वोल्वार्ड्ट ने 101 रन की शानदार पारी खेली, लेकिन पूरी टीम 246 रन पर ऑलआउट हो गई।
ऐतिहासिक जीत से बढ़ेगी महिला क्रिकेट की लोकप्रियता
यह जीत भारतीय महिला क्रिकेट के लिए एक नया अध्याय साबित होगी।
देशभर में इस सफलता को लेकर उत्साह है और विशेषज्ञों का मानना है कि इससे महिला क्रिकेट को जबरदस्त प्रोत्साहन मिलेगा।
अब भारतीय टीम अगले टूर्नामेंटों में और आत्मविश्वास के साथ उतरने को तैयार है।

