
सारंगढ़–बिलाईगढ़ जिले की कुछ धान उपार्जन समितियों में किसानों के साथ हो रही मनमानी अब गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है। वजन प्रक्रिया के नाम पर किसानों से नियमों की खुलेआम अनदेखी करते हुए प्रति बोरी तय सीमा से अधिक धान लिया जा रहा है। आरोप है कि 40 किलो की जगह 41 किलो से भी अधिक धान जबरन तौल में लिया जा रहा है, जिससे सीधे-सीधे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
किसानों का कहना है कि जब वे इस अतिरिक्त वजन पर सवाल उठाते हैं, तो समिति कर्मचारियों द्वारा टालमटोल या दबाव बनाया जाता है। मजबूरी में किसान अपनी उपज तौल करवाने को विवश हैं, क्योंकि धान खरीदी ही उनकी आजीविका का मुख्य साधन है। इस तरह की अनियमितताओं से सरकार की मंशा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं, जो किसानों को उचित मूल्य और पारदर्शी व्यवस्था देने का दावा करती है।
स्थानीय किसानों ने मांग की है कि प्रशासन इस मामले में तत्काल संज्ञान ले, समितियों में हो रही अनियमित तौल की जांच कराए और दोषी कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई करे। साथ ही, तौल प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए सख्त निगरानी व्यवस्था लागू की जाए, ताकि किसानों के साथ हो रही इस लूट पर रोक लग सके।


