अवैध उगाही में शामिल तत्कालीन एस.आई के निलंबन के बाद तहसीलदार सुनील अग्रवाल भी निलंबित, कार्यवाही में विधायक उत्तरी गनपत जांगड़े का बड़ा योगदान

सारंगढ़ : बहुचर्चित हिर्री वारे क्लिनिक मामले में तत्कालीन एस.आई के निलंबन के बाद बाद तहसीलदार सुनील अग्रवाल को भी निलंबित कर दिया गया,आपको बता दें सारंगढ़ के हिर्री में स्थित वारे क्लिनिक के संचालक डॉ खगेश्वर प्रसाद वारे से सारंगढ़ तहसीलदार सुनील अग्रवाल,तत्कालीन थाना प्रभारी के.के पटेल और बी.एम.ओ आर.एल सिदार ने लगभग एक महीने पहले डरा धमका कर तीन लाख रूपये लिए थे, जिसके बाद पीड़ित ने मामले की शिकायत सारंगढ़ एस.ड़ी.एम के पास किया था, वही मामले के गंभीरता को देखते हुए रायगढ़ कलेक्टर और एस.पी ने मामले को संज्ञान लिया, जिसके बाद एस.आई कमल किशोर पटेल को निलंबित कर दिया गया, मामले में संलिप्त तहसीलदार सुनील अग्रवाल को भी तीन जून को निलंबित कर दिया गया हैं , वही इस मामले में शामिल तीसरे अधिकारी सारंगढ़ बी.एम.ओ आर.एल सिदार पर अब कार्यवाही होना बाकी हैं,सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बी.एम.ओ आर.एल सिदार पर भी जल्द कार्यवाही हो सकती है, वही अवैध उगाही में शामिल अधिकारियो के खिलाफ कार्यवाही के बाद लोगो में जिला कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक की जमकर तारीफ़ हो रही हैं, इस कार्यवाही से ये साफ़ हो गया की गलत करने वाला चाहे जो भी हो, न्याय सबके लिए बराबर है


क्षेत्र की जनताओं की मांग अवैध उगाही करने वाले तीनो अधिकारी के खिलाफ की जाए धारा 384 के तहत अपराध दर्ज।

क्या हैं धारा 384 : भारतीय दंड संहिता की धारा 384 के अनुसार, जो कोई ज़बरदस्ती वसूली करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा । तो उसे किसी एक अवधि के लिए कारावास से जिसे तीन वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है, या आर्थिक दण्ड से या दोनों से दण्डित किया जा सकता है ,भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 384 में जिस अपराध की सजा के बारे में बताया गया है उस अपराध को एक गैर-जमानती और संज्ञेय अपराध बताया गया है | यहाँ आपको मालूम होना चाहिए कि संज्ञेय अपराध और गैर-जमानतीय होने पर इसमें जमानत मिलने में मुश्किल आती है क्योंकी यह गैर-जमानतीय और संज्ञेय अपराध है । यह अपराध समझौता करने योग्य नहीं है।


विधायक उत्तरी गनपत जांगडे ने जो कहा वो किया,विधायक ने पहले ही साफ़ कर दिया था की क्षेत्र के जनताओ के साथ किसी भी प्रकार की कोई अन्याय बर्दाश्त नही की जायेगी, उगाही में शामिल अधिकारियो पर कार्यवाही के लिए डटकर भिड़ी थी विधायक

सारंगढ़ विधायक श्री मति उत्तरी गनपत जांगडे


हिर्री के वारे क्लिनिक के संचालक डॉ खगेश्वर प्रसाद वारे से ठगी की जानकारी जैसे ही विधायक उत्तरी गनपत जांगडे को मिली वो काफी आक्रोशित हुई, उन्होंने पहले ही साफ कर दिया था, की मामले में जो भी शमिल हो चाहे कितना बड़ा अधिकारी भी हो कार्यवाही तो करवा कर ही रहूंगी, क्षेत्र के जनताओ के साथ किसी भी प्रकार की अन्याय बर्दाश्त नही की जायेगी,वही इस कार्यवाही के बाद सारंगढ़ विधायक उत्तरी गनपत जांगडे की जमकर तारीफ़ हो रही हैं, लगातार क्षेत्र के जनताओ के द्वारा विधायक जी को धन्यवाद ज्ञापित किया जा रहा हैं. एस.आई के के पटेल, और तहसीलदार सुनील अग्रवाल के खिलाफ की गई निलंबन की कार्यवाही के बाद विधायक उत्तरी गनपत जांगडे का क्षेत्र में और बढा कद।

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